Best Short Story : देर से घर आने पर पत्नी उस से नाराज होगी, इस बात से वह डर रहा था लेकिन पत्नी को मुसकराते हुए स्वागत करता देख वह हैरान रह गया.
वह मेरे पसीने में भीगे कपड़ों को देख कर ऐसे नाकभौं सिकोड़ रहा था जैसे मैं किसी दूसरे ग्रह का प्राणी हूं. शायद उसे मेरे पसीने की दुर्गंध आ रही थी, पर मैं क्या करता दिनभर धूप में जीतोड़ मेहनत कर रहा था. कभी इधर तो कभी उधर सामान ले कर जाना पड़ रहा था, उस पर साहब का गुस्सा. जैसेतैसे मैं अपना काम निबटा कर औफिस से जल्दी घर निकलना चाहता था, क्योंकि सुबह ही पत्नी से वादा किया था कि 20वीं सालगिरह है, आज किसी रैस्टोरेंट चलेंगे डिनर करने.
काम की वजह से आज भी भागदौड़ रोज की तरह बनी रही. 7 बजे फ्री होते ही मैट्रो पकड़ी और घर को चल दिया. मेरे बगल में सूटबूट पहने एक व्यक्ति मुझे पसीने में देख अजीब सी नजरों से घूरे जा रहा था. मैं भी अपनी जगहजगह से घिस चुकी कमीज को उस की नजरों से बचाता संकोचवश अपनेआप को सिकोड़े गेट के पास खड़ा शर्मिंदगी महसूस कर रहा था.
कश्मीरी गेट मैट्रो स्टेशन से बाहर निकला तो ताजा हवा में थोड़ा सुकून मिला. देर होने के कारण मार्केट बंद हो गई थी और मैं पत्नी के लिए कोई गिफ्ट न ले सका. अनमने मन से जल्दी में औटो पकड़ घर की ओर चल दिया. घर पहुंचतेपहुंचते रात के 10 बज चुके थे और पत्नी दरवाजे पर खड़ी बेसब्री से मेरी राह ताक रही थी.
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