Hindi Stories: नवाबों का शहर लखनऊ अपनी तहजीब, धीमी रफ्तार और शांत जीवनशैली के लिए जाना जाता था. यहां के गोमती नगर और हजरतगंज के कैफे और रैस्टोरैंट में लोग अब भी फुरसत से मिलते थे, जहां मुलाकातें घंटों चलने वाली गंभीर और हलकीफुलकी बातचीत पर आधारित होती थीं. आर्यन मेहरा, एक 26 वर्षीय आईटी पेशेवर, इसी शहर की शांति और तहजीब का हिस्सा था. आर्यन सफल था, पर अकेला था और वह डेटिंग ऐप्स पर किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में था, जिस के साथ वह अपनी भावनाएं साझा कर सके, अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के सुखदुख की बात कर सके.

उसे अकसर दिल्ली और मुंबई से दोस्त फोन कर के आगाह करते थे कि मैट्रो शहरों में डेटिंग सीन अब केवल 'नैटवर्किंग' और 'शोऔफ' का खेल बन कर रह गया है. यहां हर मुलाक़ात के पीछे एक छिपी हुई व्यावसायिक मंशा होती है. आर्यन का दोस्त रवि दिल्ली में रहता था और उस ने एक दिन उसे एक नए हैरान कर देने वाले ट्रैंड के बारे में बताया. रवि ने कहा कि कुछ रैस्टोरैंट कालेज की लड़कियों को फ्रीलांसर की तरह हायर कर रहे हैं.

"यार आर्यन, उन का काम सिर्फ ऐप पर लड़कों को लुभाना, विश्वास जीतना और फिर उन्हें उसी रैस्टोरैंट में बुला कर सब से महंगा खाना व शराब का और्डर करवाना है. हर बिल पर लड़की को सीधा 20 प्रतिशत कमीशन मिलता है," रवि ने गुस्से से कहा.

आर्यन को यह बात भयानक और अविश्वसनीय लगी. उस ने राहत की सांस ली कि शुक्र है, लखनऊ अभी इस 'जहरीली हवा' से बचा हुआ है. लेकिन लखनऊ में भी कुछ लोग थे जिन की आंखें इस नए, अनैतिक बाजार पर थीं.

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