जसबीर की पत्नी खो गई. वे पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने गए. इंस्पैक्टर ने पूछा, ‘कब खोई तुम्हारी पत्नी?’ जसबीर ने कहा, ‘7 दिन हो गए.’ इंस्पैक्टर हैरान हुआ, बोला, ‘मियां, 7 दिन हो गए, और आज आप आ रहे हैं रिपोर्ट लिखवाने? होश ठिकाने हैं न आप के? 7 दिनों तक कर क्या रहे थे?’ जसबीर ने कहा, ‘मुझे पहले यकीन ही नहीं हुआ. मैं तो चाहता था कि काश, पत्नी मुझे छोड़ कर चली जाए. जब पूरी तरह भरोसा हुआ कि हां, वह भाग गई है तभी मैं आया रिपोर्ट लिखवाने. अब तक तो वह बहुत दूर निकल गई होगी. आप खोजना भी चाहें तो भी उसे खोज नहीं पाएंगे. इसलिए चला आया रिपोर्ट लिखवाने.’

इंस्पैक्टर ने रिपोर्ट लिखना शुरू किया. उस ने जसबीर से पूछा, ‘आप की पत्नी की लंबाई कितनी थी?’ जसबीर ने कहा, ‘अब ऐसे भी कठिन सवाल मत किया करो. अपनी पत्नी को भी कोई नापता है क्या?’ इंस्पैक्टर ने पूछा, ‘लंबाई?’ कुछ पल के बाद जसबीर ने कहा, ‘यही मंझोले कद की होगी और क्या.’ इंस्पैक्टर ने पूछा, ‘कोई खास बात, कि जिस से उन्हें पहचाना जा सके?’ तो जसबीर ने कहा, ‘बड़ी बुलंद आवाज है उस की. दहाड़ दे तो पहाड़ हिल जाए, दिल कांपने लगें.’ लेकिन इंस्पैक्टर ने कहा, ‘आवाज का क्या, वे दहाड़ कर बोलें या कभी न भी बोलें. कोई ऐसा चिह्न बताओ जिस के सहारे उन्हें पहचानना आसान हो.’

जसबीर ने कहा, ‘कुछ नहीं, इंस्पैक्टर.’ फिर कहा, ‘दुख की बात यह है कि वह मेरे कुत्ते को भी साथ ले कर गई है.’ इंस्पैक्टर ने कहा, ‘ठीक है, कुत्ते की भी रिपोर्ट लिखवा दो.’ पहचान की बात आई तो जसबीर ने कहा, ‘अल्सेशियन कुत्ता, ढाई फुट लंबा, रंग काला. उस का एक कान सफेद रंग का है. बालों की लंबाई एक इंच, पिछले हर पैर की 2-2 उंगलियों के नाखून टूटे हुए हैं. हिंदी भाषा अच्छी तरह समझता है…’ उस ने पूरा ब्योरा अच्छी तरह से लिखा दिया. एक बात आखिर तक उस की समझ में हीं आई कि आखिर इंस्पैक्टर उस की तरफ अजीब नजरों से क्यों देख रहा था.                   

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