हर शनिवार की तरह आज भी तान्या जब दिन में 12 बजे सो कर उठी तो लावण्या के चेहरे पर नाराजगी देख फौरन प्यार से बोली, ‘‘मम्मी, बहुत भूख लगी है, खाना तैयार है न? जल्दी लगा दो, मैं फ्रैश हो कर आई.’’

वहीं बैठे तुषार ने पत्नी का खराब मूड भांप कर समझाते हुए कहा, ‘‘लावण्या, क्यों दुखी हो रही हो? यह तो हर छुट्टी का रुटीन है उस का. चलो, हम भी उस के साथ लंच कर लेते हैं. इस बहाने उस के साथ थोड़ा समय बिता लेंगे.’’

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