राजू, कुमुद दीदी का इकलौता पुत्र है, बेहद आज्ञाकारी व लाड़ला. पढ़नेलिखने में उस का मन कभी न लगा, सो, पिता ने अपने व्यवसाय में ही उसे माहिर बना दिया. राजू का व्यक्तित्व अब निखर गया था. नीले रंग के सूट में वह खूब जंच रहा था, वैसे उस पर तो कुछ भी जंच सकता था, मां का गोरा रंग, भूरे घुंघराले बाल व पिता की 6 फुट की ऊंचाई उस ने विरासत में जो पाई थी. ‘शादी कब कर रही हो तुम इस की?’ सभी मिलने वालों का एक ही प्रश्न था.

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