रौयल चैलेंजर्स बैंगलोर और मुंबई इंडियन्स के बीच हुए मुकाबले में नो बौल के विवाद ने तूल पकड़ ली है. इसपर टिप्पड़ी करते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने एक नई बहस की शुरुआत कर दी है. पीटरसन का मानना है कि अब क्रिकेट में अंपायरों की कोई जरूरत नहीं है.
पीटरसन का मानना है कि इस खेल में तकनीक ने इतनी उन्नती कर ली है कि बिना अंपायर के यह देखा जा सकता है कि बल्लेबाज आउट है या नहीं. इसके अलावा पीटरसन ने कहा कि इसे किसी टूर्नामेंट में प्रयोग के तौर पर देखाना चाहिए.

पीटरसन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘क्रिकेट को अब अंपायरों की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उसे ऐसे लोगों की जरूरत है जो खेल को कंट्रोल कर सकें और उसे खिलाने में सक्षम हों.’ इसके आगे उन्होंने लिखा कि, ‘ आउट के सभी तरीके अब वैसे भी तकनीक के साथ तय किए जा सकते हैं. हो सकता है कि यूके में 100 बौल टूर्नमेंट में इसके बारे में सोचना चाहिए.’

कई दिग्गज हैं नाराज

इस मैच के दौरान अंपायर से हुई इस चूक की हर ओर निंदा हो रही है. इसपर कई दिग्गजों ने प्रतिक्रिया देते हुए गलत बताया. इसपर विराट और रोहित भी खासा नाराज हैं.

दोनों ही टीमों के कप्तानों ने इसपर नाराजगी जाहिर की है. विराट ने तो यहां तक कह दिया कि ये आईपीएल है ना की कोई गली क्रिकेट. अंपायर को आंखें खोल कर रखनी चाहिए थी. वहीं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि जब वो मैदान से बाहर गए तो उन्हें बताया गया कि आखिरी गेंद नो बौल थी. इस तरह के फैसले खेल के लिए अच्छे नहीं होते. इसके साथ ही उन्होंने बुमराह के ओवर में हुई अंपायर की एक और गलती गिनाई. वहीं कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने इसे अक्षम्य गलती बताई है.

क्या है पूरा मामला

असल में मुंबई इंडियन्स और रौयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेला गया ये मुकाबला अपने निर्णय के लिए आखिरी गेंद तक पहुंच गया था. आखिरी गेंद पर जीतने के लिए आरसीबी को 7 रन चाहिए थे. गेंदबाजी कर रहे मलिंगा ने अपनी आखिरी गेंद शिवम दुबे को फेंकी पर उसपर कोई रन नहीं बना और इस तरह से मुंबई की जीत हो गई. पर बाद में पता चला कि आखिरी गेंद नो बौल थी. जिसे अंपायर ने ध्यान नहीं दिया. इस तरह से विराट की टीम 6 रनों से ये मैच हार गई.

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