इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के महाप्रबंधक ज्योफ एलरडाइस ने कहा है कि भारत और इंग्लैंड के साथ होने वाली टेस्ट सीरीज में अंपायर डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) को लागू करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मनाने में कोच अनिल कुंबले का अहम योगदान रहा है.

गौरतलब है कि पूर्व टेस्ट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी डीआरएस के खिलाफ थे. बीसीसीआई और धोनी के विरोध के बाद से भारतीय टेस्ट सीरीज में डीआरएस का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था.

एलरडाइस ने कहा, 'कोच कुंबले पिछले कई सालों से कोशिश कर रहे थे कि बीसीसीआई डीआरएस को लागू करे. वह इस बात के लिए भी प्रयासरत थे कि डीआरएस के तहत उपयोग में की जाने वाली प्रणाली का स्वतंत्र परीक्षण होना चाहिए. कुंबले इस पूरी प्रक्रिया में लगातार जुड़े रहे और उन्होंने बेहतर डीआरएस के लिए बीसीसीआई को राजी किया.'

एलरडाइस ने कहा कि कुंबले के समर्थन के कारण ही बीसीसीआई अपग्रेडेड डीआरएस को इंग्लैंड सीरीज के दौरान प्रयोगात्मक तौर पर अपनाने पर सहमत हुआ है. आईसीसी क्रिकेट समिति के चेयरमैन कुंबले खुद एमआईटी यूनिवर्सिटी गए थे जहां इंजीनियर्स ने डीआरएस के बेहतर स्वरूप पर काम किया था. यही वजह थी कि कुंबले बीसीसीआई को राजी करने में सफल रहे. बीसीसीआई 2008 से ही डीआरएस का विरोध करता आ रहा था.

इंग्लैंड क्रिकेट टीम भारतीय दौरे पर है और इस दौरान दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है. सीरीज का पहला टेस्ट 9 नवंबर से राजकोट में खेला जाना है. विराट कोहली ने भी डीआरएस को लेकर सहमति दी है.

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