किसी शायर ने क्या खूब कहा है कि – कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं कोई बेवफा नहीं होता… सच है कि नाजायज या समाज में गलत मानी जाने वाली चीजों की ओर इन्सान किसी न किसी मजबूरी में ही उन्मुख होता है, वरना बदनामी ओढ़ने का शौक भला किसे होता है? कहीं न कहीं कोई न कोई कमी जरूर होती है, जिसकी भरपाई इन्सान गलत तरीके से करने की कोशिश करता है. ‘मैं, तुम और वो’ में ‘वो’ उस कमी को पूरा करता है जो ‘मैं’ और ‘तुम’ के बीच पैदा हो गयी है. हाल ही में एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप ‘ग्लीडेन’ ने एक सर्वे रिपोर्ट जारी करते हुए खुलासा किया है कि दस में से सात शादीशुदा महिलाएं किसी न किसी रूप में पति को धोखा देती हैं. यह सर्वे भारतीय युगल के बीच हुआ है, जिसमें पांच लाख से अधिक लोग शामिल हुए. ‘महिलाएं अडल्टरी या व्यभिचार क्यों करती हैं’ शीर्षक से हुए इस सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है कि बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता में ऐसी  महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है, जो पति के अलावा भी किसी अन्य पुरुष के प्रति या तो आकर्षित हैं, या उनके साथ मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक सम्बन्ध में हैं. इस सर्वे में 5 लाख भारतीय ग्लीडन यूजर्स में से 20 फीसदी पुरुषों और 13 फीसदी महिलाओं ने अपने जीवनसाथी को धोखा देने की बात स्वीकार की है. कई महिलाएं अपने पति को सिर्फ इसलिए धोखा देती हैं क्योंकि उनकी शादी नीरस हो गयी है तो कुछ इसलिए क्योंकि पति उनके घरेलू कामों में उनका हाथ नहीं बंटाते हैं. हालांकि इस सर्वेक्षण से यह खुलासा भी हुआ है कि बाहरी पुरुष या बाहरी स्त्री के साथ सम्बन्ध बनने के बाद दम्पत्ति का आपसी सौहार्द और शादीशुदा जिन्दगी ज्यादा अच्छी हो गयी है. यही नहीं, शादी से बाहर एक साथी को खोजने से उन्हें अपने जीवन में उत्साह का अहसास हुआ है. सर्वे में दस में से चार महिलाओं का मानना है कि अजनबियों के साथ मौजमस्ती के बाद उनके जीवनसाथी के साथ उनका रिश्ता और अधिक मजबूत हुआ है.

नास्तिकता की ओर बढ़ रही है दुनिया

–  औरत की बेवफाई पर एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप ‘ग्लीडेन’ की सर्वे रिपोर्ट चौंकाने वाली है.

–  सर्वे के मुताबिक दस में से सात शादीशुदा महिलाएं किसी न किसी रूप में पति को धोखा देती हैं.

–  बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता में ऐसी बेवफा महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है, जिनका सम्बन्ध पति के साथ पर-पुरुष से भी है.

अधूरी रह गई डौन बनने की चाहत

दरअसल वैवाहिक जीवन में प्यार के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सम्बन्धों की जरूरत मर्द और औरत दोनों को ही होती है. सेक्स से जुड़ी किसी भी बात को पुरुष बड़े आराम से शेयर कर लेते हैं, जबकि महिलाएं शर्म और हिचकिचाहट महसूस करती हैं. यही कारण है कि स्त्री चरम सुख और पूर्ण आनन्द प्राप्त करने के बारे में स्वयं कुछ नहीं कह पाती, लेकिन सेक्स एक ऐसी आग है जो भड़कने के बाद आसानी से शांत नहीं होती. इसी चक्कर में वह अन्य पुरुष की तरफ आकर्षित हो जाती हैं.

कोई समझेगा इन के दर्द को

इसी तरह दाम्पत्य जीवन में भावनात्मक लगाव होना भी बहुत जरूरी है. शारीरिक सम्बन्धों का सुख तभी हासिल होता है जब जोड़े के बीच भावनात्मक लगाव, प्रेम और विश्वास हो. शारीरिक सम्बन्ध कोई मशीनी क्रिया नहीं है. यह पूरी तरह दिल-दिमाग से जुड़ी प्रक्रिया है. जब तक महिला अपने पुरुष के प्रति प्रेम महसूस नहीं करती है, तब तक उसका शरीर सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है. ऐसे में वैवाहिक जीवन का सेक्स सम्बन्ध भी बलात्कार बन कर ही रह जाता है. बार-बार इस प्रताड़ना से गुजरती ऐसी महिला का किसी ऐसे पुरुष की ओर आकर्षित हो जाना, जिसके प्रति वह प्यार महसूस करने लगे, कोई आश्चर्य की बात नहीं है. अनसुईया जब पति के साथ बिस्तर पर होती है, तो जब तक पड़ोस के नौजवान और आकर्षक युवक सौरभ की कल्पना न करे, उसका शरीर पति के साथ सेक्स के लिए तैयार ही नहीं होता है. प्रत्यक्ष तौर पर तो वह पति के साथ हमबिस्तर होती है, मगर उसकी कल्पना में सौरभ ही होता है. इस कल्पना से उसे पति के साथ सम्बन्ध बनाने में आसानी होती है. यह सच सत्तर प्रतिशत महिलाओं का सच है, और यह ‘कल्पना’ उनके लिए इसलिए जरूरी हो जाती है क्योंकि पति मानसिक और भावनात्मक तौर पर पत्नी से जुड़ा ही नहीं होता है और सेक्स को एक शारीरिक क्रिया समझ कर फटाफट निपटा लेना चाहता है.

ममता, मजहब और माशूक

महिला का किसी अन्य पुरुष के साथ सम्बन्ध बनाने के और भी कई कारण होते हैं. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के चलते आज समाज में अनेक अपराध पनप रहे हैं, कहीं घरेलू हिंसा हो रही है, कहीं कत्ल हो रहे हैं, कहीं तलाक हो रहे हैं. भारतीय समाज के लिए ऐसी खबरें अच्छी तो नहीं हैं, लेकिन कभी यह जानने की कोशिश नहीं की जाती है कि आखिर ऐसा होता ही क्यों है?

इसी कड़ी में कल आगे पढ़िए- औरतें ‘बेवफा’ होने के लिए मजबूर क्यों हो जाती हैं?

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