बढ़ते वैश्वीकरण ने बाजार के लगभग हर उत्पाद व सेवा को ग्लोबल कर दिया है. शिक्षाजगत भी इस से अछूता नहीं है. लिहाजा, आज स्टूडैंट्स अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं. विदेश जा कर पढ़ाई करने का चलन पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है. एक अनुमान के मुताबिक, हर साल करीब 43 लाख स्टूडैंट्स अपना देश छोड़ कर किसी दूसरे देश पढ़ने जा रहे हैं. वैसे तो भारत में 400 से ज्यादा विश्वविद्यालय हैं जहां वे पढ़ सकते हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हमारे यहां आईआईटी और आईआईएम जैसे चंद शिक्षण संस्थान ही हैं जो विश्वस्तरीय सूची में शामिल हैं, बाकी शिक्षा के व्यावसायीकरण में मोटी कमाई करने में जुटे हैं.

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