UPSC Exam: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट में कुल 1,009 कैंडिडेट्स ने परीक्षा पास कर आईएस, आईपीएस समेत अन्य पदों को हासिल कर लिया. सवाल यह है कि क्या सच में यूपीएससी (यूनियन सर्विस पब्लिक कमीशन) की परीक्षा एक गांव में पढ़ने वाले कैंडिडेट के लिए भी उतनी ही आसान है जितनी एक शहर में पढ़ने वाले कैंडिडेट के लिए. क्या यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा अपनेआप में पूरी तरह से सब के लिए बराबर है.

कुछ सालों के प्रश्नपत्र देखें तो साफ पता चलता है कि यूपीएससी द्वारा सिविल सर्विसेज की परीक्षा का प्रश्नपत्र का जो स्तर है वह अब एक ग्रामीण और ह्यूमैनिटीज विषय से पढ़ कर आए कैंडिडेटों के लिए काफी कठिन कर दिया गया है और जानबूझ कर यूपीएससी अब इस तरह के प्रश्नपत्र बनाने लगा है जो इंजीनियरिंग या साइंस बैकग्राउंड से जुड़े कैंडिडेट्स के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं जो महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूटों से पढ़ कर आए हैं.

संघ लोक सेवा आयोग का यह दावा है कि उस के प्रश्नपत्र का स्तर समान रहता है, वह शहर और ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ने वाले दोनों तरह के कैंडिडेट्स के लिए समान है, बेशक उन का शिक्षा का बैकग्राउंड कोई सा भी हो, चाहे वह आर्ट्स से हो, साइंस बैकग्राउंड से हो या फिर कौमर्स बैकग्राउंड से. असल में आयोग का यह दावा खोखला और धूर्तता से भरा है.

जिस तरह पिछले कुछ सालों में यूपीएससी के प्रश्नपत्र देखे गए हैं, वे कुछ और ही बयां करते हैं. हालांकि हर साल जब संघ लोक सेवा आयोग पदों की भरती के संदर्भ में नोटिफिकेशन जारी करता है, तब वह पूरे परीक्षा पैटर्न समेत प्रारंभिक परीक्षा से ले कर मेन्स की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार तक की सभी जानकारी देता है.

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