Marriage Wish: रील वायरल हुई और देखते ही देखते राजस्थान ही नहीं, बल्कि हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश आदि दूसरे राज्यों से भी कुंवारों की जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी. 3 क्विंटल 500 किलो मेहंदी महज 3 घंटे में खत्म गई और कई किलोमीटर लंबी कतारें और ट्रैफिक जाम हो गया. प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने में पसीने छूट गए और अंत में मंदिर प्रबंधन से अनाउंस करवाया कि मेहंदी लगाना मंदिर की पुरानी परंपरा है, अफवाहों पर ध्यान नहीं दें.

मेहंदी या मन्नत के नाम पर शादी होने की अफवाह और लाखों की भीड़.में कई कुंवारों को ले कर तो खुद मांबाप आए. जिस Gen Z पीढ़ी से हम व्यवस्था बदलने की उम्मीद कर रहे है वो पीढ़ी शादी के लिए मन्नत की मेहंदी लगवाने निकल पड़ी.

इसलिए कहता हूं यह तांत्रिक संपेरों का देश है और यहां पीढ़ी दर पीढ़ी सपेरे ही पैदा होने है. गलती से कुछ वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर पैदा हो लिए इसलिए देश आज भी थोड़ा बहुत रेंग रहा है, अन्यथा मुगल,अंग्रेज, डच, फ्रांसीसी कब के वापिस आ गए होते.

जो कुंवारे यहां पहुंचे है, उन की सोशल प्रोफ़ाइलिंग होनी चाहिए और लड़केलड़की के बाप को ,जो वैज्ञानिक सोच रखते है और अपने बच्चों का बेहतर भविष्य चाहते है, इन से बचना चाहिए. इस भीड़ में मेरा एक दोस्त भी शामिल था. वह कहता है कि ऐसे लोगों के साथ अपने बच्चों की शादी की तो दस्त लगने पर अस्पताल ले जाने के बजाय ये लोग भोपा के पास झाड़फूंक करवाने ले कर जाएंगे और आप के बच्चों की अल्पायु में ही " टं " बोल सकती है.

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