रोज-रोज वही एक रूटीन से घरेलू महिलाएं ऊब जाती हैं. घर परिवार में वो इतना व्यस्त हो जाती हैं कि वो अपनी इच्छाओं को दबा लेती हैं और अपने लिये तो जैसे जीना ही भूल जाती हैं.न तो वो अपने लिये ही वक्त निकाल पाती हैं और न ही अपना करियर बना पाती हैं. जिसके लिये उन्हें बेहद मलाल रहता है.

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