मुजफ्फरपुर, देवरिया, उन्नाव, कठुआ, इंदौर जैसे शहरों में घटी घटनाएं देख लीजिए, हर जगह सुव्यवस्थित, सांगठनिक तरीके से यौनशोषण भी हो रहा है और आर्थिक शोषण भी. यह तरीका पहले भी था. उस पर राजनीतिक संरक्षण का जामा पहना दिया गया है, अब भी कमोबेश वही तरीका है. हर घटना में राजनीतिक दल, अफसर, धार्मिक नेता और परिवार भी शामिल रहा है.

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