मैं पढ़ीलिखी हूं, नौकरी चाहती हूं, पेशा ताली बजाना हो सकता है. मैं भी हर इंसान की तरह समाज और आसपास के लोगों से इज्जत चाहती हूं. हमें कोई शौक नहीं है टे्रेन में, रास्ते में, सिग्नल पर इधरउधर भागने का, वेश्यावृत्ति करने का. हम में भी हुनर है, हम हर वह काम कर सकते हैं जो आम लड़के या लड़कियां कर सकती हैं. ऐसे कितने ही शब्दवाक्य कहे जा रही थी ट्रांसजैंडर भाविका पाटिल. ग्रेजुएशन कर चुकी भाविका की आंखों से लगातार गिरते आंसू उस के दर्द को बयां कर रहे थे. उस ने सालों ऐसा झेला है लेकिन कुछ समय पहले यशराज के वाई फिल्म्स बैनर ने 6 पैक बैंड के जरिए इन का म्यूजिक अलबम रिलीज किया तो इन्हें भी सैलिब्रिटी जैसा सम्मान मिला.

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