ईश्वर, अल्लाह, खुदा एक ऐसी परिकल्पना है, जिस के होने या न होने की कोई सटीक जानकारी इंसान को कभी उपलब्ध नहीं हुई है. इंसान हमेशा से अपनी ऊर्जा, धन, समय और जीवन उस चीज के लिए खपा रहा है जिस के बारे में यह गारंटी आज तक नहीं मिली है कि सचमुच में वह है भी, या नहीं.

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