Muslim Women : मुसलिम तबके के लिए यह कितने बड़े मजाक का विषय है कि उस की औरतों के लिए एकतरफ बुर्का है और दूसरी तरफ हलाला. यह बात ध्यान देने वाली है कि मुसलिम समाज का जहां एक बड़ा वर्ग ये दलीलें देते नहीं थकता कि औरतों का परदे में रहना फर्ज है, वे किसी के सामने न जाएं, यहां तक कि ऐसे फतवे भी आते रहते हैं कि जिस दफ्तर में मर्द काम करते हों वहां औरतें काम तक न करें, वहीं यह विरोधाभास कि यदि तलाक के बाद अपनी ही बीवी को वापस रिश्ते में लेना है तो उसे वही मर्द (पति) दूसरे मर्द के साथ निकाह कर ने व यौन संबंध बनाने के लिए भेजता है. वही आदमी दूसरे आदमी के सामने अपनी पूर्व पत्नी को बेपरदा करता है जो उसे बिना बुर्के के घर से बाहर कदम नहीं रखने देता था. धर्म के नाम पर यह घिनौना बलात्कार है जिस के खिलाफ दुनियाभर की मुसलमान औरतों को अब एकजुट हो जाना चाहिए.

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