सत्ता से गलबहियां करना मीडिया का काम नहीं है. मगर, आज मीडिया खुद सवालों में घिरा है. सत्ता ने डराओ, धमकाओ, मारो और राज करो की नीति के तहत मीडिया की कमर तोड़ दी है. उस ने उस की स्वतंत्रता छीन ली है. जो बिका उसे उस ने खरीद लिया, जो नहीं बिका उस का दम निकाल दिया.

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