एक साथ तीन तलाक पर कानूनी पाबंदी से इस बात की उम्मीद जग गई है कि औरतों के हक पर सरकार और अदालतें गंभीरता से विचार करेंगी. मुसलिम धर्म की ही तरह हिन्दू धर्म में भी बहुत सारे ऐसे मामले हैं जिनमें शादीशुदा जोडे अलग होना चाहते हैं. हिन्दू धर्म में शादी के बाद अलग होने की बेहद जटिल प्रक्रिया होती है. जिसमें सालों साल लोग पिसते रहते हैं. कई बार इस तरह की परेशानियों के चलते अरपराधिक घटनायें भी घटती हैं, जिनके मुकदमे दहेज उत्पीडन और दहेज हत्या जैसी हालातों तक पहुंच जाते हैं. हिन्दू धर्म में खाप पंचायतों और जातीय पंचायतों में शादी से अलग होने के अजीब ओ गरीब फैसले होते रहते हैं. जिस तरह से तीन तलाक को लेकर कानून और सरकार मुखर हुये, उस तरह से ही हिन्दू धर्म में शादी के बाद अलगाव यानि संबध बिच्छेद होने का सरल रास्ता बनाया जाये.

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