देश के कुछ बुद्धिजीवी और कुछ स्वयंसेवी संस्थाएं इस बहस को तूल देने की कोशिश में हैं कि आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) पद्धति से संतान पैदा करने वाले डाक्टरों और क्लिनिकों के लिए कानून बनाया जाए, क्योंकि कुछ दिन पहले मुंबई के एक डाक्टर दंपती अनिरुद्ध और अंजलि मालपानी का पंजीयन महाराष्ट्र मैडिकल काउंसिल औफ इंडिया ने 3 महीने के लिए रद्द कर दिया था. वजह विज्ञापन का मसौदा था, जिस में इन पतिपत्नी ने शर्तिया संतान पैदा होने का दावा किया था.

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