10 वीं पास कर छात्र 12 वीं में एडमिशन को लेकर बड़ी उलझन मे पड़ जाता है. क्योंकि उसे जब तक यह पूरी तरह पता भी  नहीं होता की आगे चल कर उसे करना क्या है. कौन सा फील्ड उस के लिये ठीक रहेगा. कई बार बच्चे अपने पेरेंट्स द्वारा चुना गया विषय अपना लेते हैं तो कभी अपने दोस्त की होड़ कर उनकी पसंद के विषय चुन लेते हैं और यही बात वो कौलेज में भी करते हैं जो कि उन्हें सही करियर के रस्ते से भटका देती है कभी कभी उनकी यही गलती उन्हें भरी पड़ जाती है. कई बार हम नौकरी कर तो रहे होते हैं लेकिन सिर्फ पैसो के लिये. क्योंकि जो काम कर रहे  होते हैं उस मे उनकी रूचि नहीं होती.

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