फैस्टिव सीजन में कई सैक्टर फलफूल रहे हैं जबकि औटो कंपनियों पर मंदी का असर बना हुआ है. मांग में कमी की वजह से मारुति, टाटा और अशोक लीलैंड जैसी औटो कंपनियों को अपने उत्पादन में कटौती करनी पड़ी है. बिक्री में बीते एक साल से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. डीलरशिप और कारखानों में बड़े पैमाने पर जमा वाहनों की वजह से औटो कंपनियों को कारखाना उत्पादन बंद करने को मजबूर होना पड़ा है.

कार कंपनियों में अगुआ मारुति सुजुकी ने स्टौक एक्सचेंजों को बताया है कि सितंबर में उस ने अपने उत्पादन में 17.5 फीसदी की कटौती की है. कमजोर मांग के चलते लगातार 8वें महीने मारुति को अपने उत्पादन में कटौती करनी पड़ी है. कंपनी ने सितंबर में 1,32,199 वाहनों का उत्पादन किया, जबकि पिछले साल इसी महीने में कंपनी ने 1,60,219 वाहनों का उत्पादन किया था.

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आल्टो, वैगनआर, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर जैसी छोटी और मिनी कारों का उत्पादन सितंबर के दौरान घट कर 98,337 रह गया है, जबकि पिछले महीने इसी दौरान ऐसी कारों की 1,15,576 यूनिट का उत्पादन हुआ था. यानी इस उत्पादन में 14.9 फीसदी की गिरावट आई है.

इसी तरह, मारुति के ब्रेजा, अर्टिगा और एस-क्रौस यूटिलिटी वाहनों का उत्पादन भी 17 फीसदी गिर कर 18,435 यूनिट रह गया. मध्यम आकार की सेडान कार सियाज की बिक्री में 50 फीसदी के करीब गिरावट आई और पिछले साल के 4,739 यूनिट के मुकाबले इस सितंबर में सिर्फ 2,350 यूनिट बिक्री हुई है.

सितंबर महीने में मारुति सुजुकी, हुंडई, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टोयोटा और होंडा जैसी बड़ी औटो कंपनियों की बिक्री में 2 अंकों की गिरावट देखी गई. त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है और दीवाली पर औटो कंपनियों की बिक्री में कोई बहुत अच्छे संकेत नहीं दिख रहे हैं.

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