‘‘मेरे हाथ बंधे हुए हैं. मैं वही सजा सुना सकती हूं जिस का प्रावधान है. लेकिन मेरी चेतना मु झे यह कहने के लिए अनुमति देती है कि वक्त आ गया है कि देश के कानून बनाने वाले विद्वान बलात्कार की वैकल्पिक सजा के तौर पर रासायनिक या सर्जिकल बधियाकरण के बारे में सोचें जैसे कि  दुनिया के तमाम देशों में यह मौजूद है.’’

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