16 साल पुराने एक हत्याकांड में आज एक ऐसा फैसला आया है जिस का बहुत से लोगों को बेसब्री से इंतजार था. यह फैसला हरियाणा के एक बेखौफ पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड से जुड़ा था जिस में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत ने कुसूरवार ठहराया है.

पंचकूला, हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने हत्या के इस केस में राम रहीम समेत 4 आरोपियों को कुसूरवार माना. अब राम रहीम और बाकी कुसुरवारों को 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी.

हरियाणा में सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में 2 जनवरी को सीबीआई कोर्ट ने आरोपी गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे. यह फैसला जज जगदीप सिंह ने सुनाया है. साध्वी यौन शोषण मामले में भी उन्होंने ही राम रहीम को सजा सुनाई थी.

कौन थे रामचंद्र छत्रपति

साध्वी यौन शोषण मामले में जो चिट्ठियां लिखी गई थीं, उन्हीं के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में खबरें छापी थीं. ऐसा होने पर पहले तो रामचंद्र छत्रपति पर दबाव बनाया गया लेकिन जब वे उन धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्तूबर, 2002 को उन पर जानलेवा हमला कर दिया गया. इस के बाद 21 नवंबर, 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उन की मौत हो गई थी.

ऐसे की गई थी हत्या

मोटरसाइकिल पर आए कुलदीप ने रामचंद्र छत्रपति को गोली मारी थी जिन की बाद में मौत हो गई थी. मोटरसाइकिल पर कुलदीप के साथ निर्मल भी था. जिस पिस्तौल से रामचंद्र पर गोलियां चलाई गई थीं, उस का लाइसेंस डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर कृष्ण लाल के नाम पर था जबकि गुरमीत राम रहीम पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप था.

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