वह प्रवासी मजदूरों की त्रासदी का जिंदा रूपक है. सालों नहीं बल्कि दशकों बाद भी जब साल 2020 के देशव्यापी कोरोना लॉकडाउन का जिक्र छिड़ेगा, तो आंखों में उस 15 वर्षीय दुबली, पतली लड़की की तस्वीर घूम जायेगी, जो अपने बीमार पिता को साइकिल के कैरियर में बिठाकर हरियाणा के गुरुग्राम से 1200 किलोमीटर दूर बिहार के दरंभगा जिले में स्थित अपने गांव सिरहुल्ली लायी. जी हां, हम आज पूरी दुनिया में मशहूर हो चुकी साइकिल गर्ल ज्योति पासवान की ही बात कर रहे हैं.

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