Middle Class Cars: कारें लग्जरी नहीं जरूरत का सामान है. इस के बाद भी कार उत्पादक कंपनियों और सरकार की नीतियों ने मध्यम वर्ग और महिलाओं का कार को दूर कर दिया है. कार कंपनियां छोटी बजट कारों की जगह महंगी एसयूवी कारों को बेचना मुनाफे का सौदा समझ रही हैं. एसयूवी जैसे कारें महिलाओं को चलाने में असुविधाजनक होती हैं. घरों में अभी भी कारें पुरूष वर्ग की पसंद से आती हैं. पहले छोटी कारें आती थीं तो घर की महिला और पुरूष दोनों ही चला लेते थे. अब महंगी एसयूवी कारें महिलाओं के लिए असुविधाजनक होती हैं.
हेनरी फोर्ड को मौडल टी वाली सस्ती कारें बनाने के लिए याद किया जाता है. अमेरिका में मौडल टी कारों के पहले कारें केवल अमीरों के लिए होती थी. इस को विलासिता के लिए प्रयोग किया जाता था. हेनरी फोर्ड को लगता था कि कारें लेबर वर्ग के लिए भी होनी चाहिए. कार केवल अमीरों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए. साधारण कामकाजी या किसान भी इसे खरीद सके. हेनरी ने सस्ती कार बनाने की दिशा में काम करना शुरू किया. हेनरी की असैंबली लाइन तकनीक बहुत मशहूर हुई. जिस से किफायती कारें लोगों को मिल सकी.
हेनरी फोर्ड फोर्ड मोटर कंपनी के संस्थापक थे. हेनरी फोर्ड ने अपना कैरियर मोटर मैकेनिक के रूप में किया था. उन की रूचि कार को बेहतर बनाने में थी. 1885 में फोर्ड ने एक ओटो इंजन की मरम्मत की. 1887 में उन्होंने एक इंच बोर और तीन इंच स्ट्रोक वाला चार सिलेंडर मौडल बनाया. 1890 में फोर्ड ने दो सिलैंडर इंजन पर काम शुरू किया. 1892 में उन्होंने पहली मोटर कार पूरी की जो दो सिलैंडर चार हार्सपावर मोटर द्वारा चलती थी. जिस का बोर ढाई इंच और स्ट्रोक छह इंच था. यह मोटर बेल्ट द्वारा काउंटर शाफ्ट से और फिर चेन द्वारा पिछले पहिए से जुड़ी थी. बेल्ट को क्लच लीवर द्वारा शिफ्ट किया जाता था ताकि 10 या 20 मील प्रति घंटे की गति को नियंत्रित किया जा सके.
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