राजधानी में करोड़ों रुपए का तामझाम लगाकर पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में श्रीश्री रवि शंकर विश्व संस्कृति महोत्सव के जरिये दुनियाभर को भेदभाव मिटाकर एक साथ जोड़ने के राग अलाप रहे हैं, जबकि अपने ही देश में जातपात, धार्मिक संकीर्णता और छुआछूत के नाम पर दलितों को आज भी प्रताड़ित किया जा रहा है. रवि शंकर के इतने खर्चीले आयोजन में भारतीय संस्कृति का महिमामंडन सुनकर आप गलतफहमी न पाल लीजियेगा कि हमारे देश में सब भाईचारे से रहते हैं और किसी भी तरह के भेदभाव से दूर रहते हैं.

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