एक शादी का ब्रेनवार्मिंग नजारा-

लोकेशन- उत्तर प्रदेश, मैनपुरी

सीन- शादी का मंडप – आउटडोर

मुख्य कलाकार- खुशबू, ओमवीर सिंह और अन्य तमाशबीन बाराती

खुशबू सक्सेना की ओमवीर सिंह से शादी है. पंडितपुरोहित हवनकुंड की आग में घी डालते हुए हर वो मंतर पढ़ रहे हैं जो शायद ही किसी को आजतक समझ में आये हों. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब दुल्हन सरेआम शादी से पहले दूल्हे मियाँ का आईक्यू जांचने की जिद करने लगती है. लड़के वाले भौचक्के है. सोच रहे हैं कि दहेज़ या खाने में कमी या कार के मनमुताबिक मॉडल न मिलने पर पर नाराज होकर बारात वापस ले जाने का लोकतांत्रिक हक़ तो सिर्फ उनका था.

बहरहाल, लडकी इस सस्पेंस को तोड़ते हुए बताती है कि लड़का बुडबक टाइप का है. बातबात पर तुतलाता है. वह इस बीएपास लड़के का आईक्यू टेस्ट लेना चाहती है. खुशबू की यह बात सुनकर सब दंग. ये कैसी दुल्हन है जो बीच मंडप अपनी ही शादी खतरे में डाल रही है. खैर, बीच बरात अपनी जगहंसाई होते देख लड़के के भाई और दोस्त इस केबीसी की तर्ज पर होने वाली केबीएच यानी कौन बनेगा ‘होशियार’ पति खेलने को राजी हो जाते हैं.

पहले और आसान सवाल के तौर पर खुशबू ने ओमवीर से मोबाइल में अपना मोबाइल नंबर डायल करने को कहा, लेकिन वो अपना नंबर भूल गया. पहले ही पड़ाव पर औन्धे मुंह गिरने के बाद ओमवीर से अगले सवाल में दुल्हन ने 69 और 79 में फर्क पूछा तो ओमवीर की वीरता फिर फुस्स हो गई. इसके बाद खुशबू ने ओमवीर को कुछ सिक्के दिए और उससे उन्हें जोडऩे को कहा लेकिन वो उसे नहीं कर पाया.

कौन बनेगा ‘होशियार’ पति के आखिरी पड़ाव तक आते आते ओमवीर की सारी लाइफ लाइनें पानी मांग रही थी. कोई कमर्शियल ब्रेक भी नहीं मिल रहा था. लिहाजा मंडप की हौटसीट जो अब उबल रही थी, पर बैठे ओमवीर से आखिर आसान सवाल पर खुशबू ने उसे एक टच स्क्रीन फोन दिया और इसे यूज करने को कहा, लेकिन वो फोन को यूज नहीं कर पाया. फोन के एप्स को देखकर उलझ गया. कार्यक्रम के समाप्त होने की घोषणा करते हुए खुशबू ने ओमवीर को पवेलियन का रास्ता दिखाते हुए अपनी शादी तोड़ दी. लड़केवाले गिड़गिड़ाए लेकिन ख़ुशबू ने बारात लौटा दी.

अब ओमवीर फ़्लैशबैक में है.जब वह खुशबू को देखने आया था. उस दिन तो सवालों की बौछार कर दी थी. लडकी कितना पढी है, खाना क्या क्या बना लेती है, गानाबजाना जानती है, चलकर दिखाओ कहीं लंगडी तो नहीं है,  लेकिन अब फ्लैश बैक से क्या होगा. अब तो कहानी के क्लाइमैक्स तक आतेआते ओमवीर पिटे हुए विलेन की तरह बिन दुल्हन  के घर लौटा है.

– उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बीते दिनों हुई इस अनोखी और अधूरी शादी में जो अदम्य साहस का परिचय खुशबू ने दिया है, वो सबक है हर उस लड़की के लिए जो ऐसे ही न जाने कितने अनपढ़, गंवार ओमवीरों से शादी कर उनके घरों में मांबाप की आज्ञा मानकर सर झुकाए चली जाती हैं. अपनी काबिलियत के हिसाब से वर की चाह लड़का और लडकी दोनों का हक़ होता है और अगर कोई रीतिरिवाज और संस्कारों के नाम पर लड़की से उसका यह हक़ छीने तो उसे भी खुशबू की तरह कौन बनेगा ‘होशियार’ पति खेलकर सरेआम ऐसा ही तमाचा मारना चाहिए. शर्म, संकोच और धर्म आदि नियमों से अगर खुशबू भी घबराती तो सारी ज़िंदगी नरक भरा जीवन जीने पर मजबूर होती.

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