सुबोध पिता, पत्नी और छोटी सी बेटी को छोड़ कर एक लड़की के साथ विदेश चला गया था, कभी न आने के लिए. ऐसे में मां आरती और पोती अनुराधा के सशक्त सहारा बने विश्वंभर प्रसाद यानी उस के दादाजी, लेकिन एक दिन जब एक्सीडेंट ने उन की जान ले ली तो…
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