धर्मशास्त्रों, धर्मगुरुओं व पंडेपुजारियों के प्रवचनों में यही बखान किया जाता है कि भगवान अपने भक्तों की हमेशा रक्षा करते हैं. पर उन के दावे तब खोखले साबित होते हैं जब मंदिरों में सुरक्षा की चौकसी बढ़ानी पड़ती है. जो भगवान खुद की रक्षा नहीं कर सकता वह भला अपने भक्तों की रक्षा कैसे करेगा? पढि़ए जगदीश पंवार का लेख.

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