सवाल

मैं 2 वर्षीया बेटी की मां हूं. मेरे कुछ लोगों से नाजायज संबंध हो गए थे. अब पति को मालूम होने पर बड़ी विकट समस्या उत्पन्न हो गई है. मुझे किसी से कोई लगाव नहीं था. सो, संबंध तोड़ने में कठिनाई नहीं हुई.पहले तो मेरे पति ने सब बातें बड़े प्रेम से पूछ लीं और कहा कि तुम पश्चात्ताप कर लो लेकिन अब वे बहुत दुखी रहते हैं. उन्हें मुझ पर विश्वास ही नहीं होता. मुझ से उन का दुख नहीं देखा जाता. दिल करता है कि आत्महत्या कर लूं. लेकिन अपनी बच्ची का मोह इस संसार से बांधे हुए है. मुझे समझ में नहीं आता कि मैं क्या करूं.

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जवाब

आप कोई गलत कदम उठाने से पहले क्यों नहीं सोचतीं कि इस का अंजाम कितना बुरा होगा. आप ने जानबूझ कर सरासर गलत काम किए हैं व अपने पति के साथ विश्वासघात किया है. दूसरे, आप ने पति को सबकुछ बता कर भी गलती की है. इस से अविश्वास बढ़ेगा ही, घटेगा नहीं.

आत्महत्या करना कायरता है. आज भी आप स्वयं को सुधार कर अपने परिवार की खुशियां लौटा सकती हैं. अब आप को संयम से काम लेना चाहिए और अपने पति का फिर से विश्वास प्राप्त करने का प्रयत्न करना चाहिए. खोया विश्वास जगाना आसान नहीं है, लेकिन जीजान से किया गया प्रयत्न कभी बेकार नहीं जाता. आप को पति का विश्वासपात्र बनने के लिए पति द्वारा बताए रास्ते पर चलना चाहिए. आप निष्ठापूर्वक सेवा व प्यार से ही उन का विश्वास पा सकती हैं. कोई भी ऐसा मौका न दें जिस से आप की बीती बातों की झलक मिले.

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