Husband Murder: प्यार, वफ़ादारी और एक खौफनाक साज़िश की वो सनसनीखेज़ सत्य कथा, जिस ने बिहार से लेकर पूरे देश के होश उड़ा दिए. साल 2017 बिहार बिजली विभाग में 3 युवाओं,अस्मिता कुमारी, देवकुमार गुंजन और अजीत कुमार ने एक साथ अपने करिअर की शुरुआत की थी. एक ही बैच, एक जैसी नौकरी और रोज़मर्रा की साथ बीतती घड़ियाँ. देखते ही देखते तीनों के बीच एक गहरी दोस्ती पनप गई. लेकिन इस दोस्ती की तह के नीचे रिश्तों का एक जटिल ताना-बाना बुना जा रहा था.
देवकुमार की सादगी और ज़िम्मेदार मिज़ाज ने अस्मिता का दिल जीता और दोनों शादी के पवित्र बंधन में बंध गए. वहीं अजीत, जो कभी अस्मिता के अतीत और पहली पसंद की तरह था, इस रिश्ते के बीच एक शांत दर्शक बन कर रह गया. लेकिन वक़्त के साथ ज़िम्मेदारियां बदलीं और पोस्टिंग का दौर भी. शादी के बाद जहाँ देव अपने काम और परिवार को संभालने में मशगूल था, वहीं दूरियों के बावजूद अस्मिता और अजीत के बीच पुरानी राख के नीचे दबी चिंगारी फिर से सुलगने लगी.
जब रिश्तों की मर्यादा टूटी तो ज़मीर भी ख़ामोश हो गया. देवकुमार की मौजूदगी अब अस्मिता और अजीत के लिए एक ऐसा रोड़ा बन चुकी थी, जिसे हटाना ही उन्हें अपनी 'आज़ादी' का एकमात्र रास्ता लगा. लेकिन यह कोई जल्दबाज़ी में उठाया गया कदम नहीं था.
अस्मिता और अजीत ने इस कत्ल को अंजाम देने के लिए बाकायदा एक छात्र की तरह 'तैयारी' शुरू की. फिल्मों, वेब सीरीज़, क्राइम शो और अपराध पर आधारित किताबों का गहराई से अध्ययन किया गया. मकसद सिर्फ एक था,एक ऐसा मुकम्मल जुर्म रचा जाए, जो पुलिस की नज़र में महज़ एक अनसुलझा 'हादसा' लगे. कातिल बेदाग़ बच निकलें और कानून की पहुंच कभी उन तक न हो सके. इसी ख़तरनाक मंसूबे के तहत भाड़े के सुपारी किलर राजू कुमार उर्फ धीरज को इस साज़िश में शामिल किया गया.
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