कट्टरवादी हिन्दू नेता रहे विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने की भाजपाई मंशा की अब अधिकृत घोषणा होना ही बाकी है. जो कभी भी हो सकती है लेकिन उन्हें देश का यह सर्वोच्च खिताब देने पर जिन कांग्रेसियों के पेट में मरोड़ें उठ रही हैं. वे शायद ही इस सवाल का जबाव दे पाएं कि इसी साल जब यह खिताब उसके वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को दिया गया था. तब उन्हें ऐसा क्यों नहीं लगा था कि प्रणव मुखर्जी को एक कट्टरवादी और सांप्रदायिक सरकार के हाथों यह सम्मान नहीं लेना चाहिए. जिसकी विचारधारा एकदम कांग्रेस के प्रतिकूल है.

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