भीम आर्मी को मायावती दलितों का विरोधी मानते अपने वोटबैंक को समझाती हैं कि वह इनसे दूर रहे. इसके जवाब में भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर मायावती को अपना नेता मानते है. चन्द्रशेखर का मानना है कि बहन जी किसी बात से हमसे नाराज हैं. लेकिन यह हमारे परिवार का मसला है. हम केवल कांशीराम के मूवमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं. हमें ना तो राजनीति करनी है और ना ही चुनाव लड़ना है. हम चाहते हैं कि 2019 में भाजपा सत्ता में ना आये. मायावती का पक्ष लेते चन्द्रशेखर कहते हैं कि ‘कांग्रेस दलितों का हित चाहती है तो मायावती का साथ दे.’

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