केंद्र औऱ प्रदेश सरकार को जो काम लॉक डाउन करने से पहले करना चाहिए था जिससे मजदूर, कोचिंग करने में पढ़ने वाले छात्र और निजी कंपनियों में काम कर रहे लोग अपने गांव घर पहुच पाते वो काम 40 दिन बाद भी मुद्दा बना हुआ है. असल मे केंद्र और प्रदेश सरकार अब इस मुद्दे को अपनी छवि चमकाने के जरिया बना रही है.

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