विधान परिषद और राज्य सभा को विधानसभा और लोकसभा का पिछला दरवाजा कहा जाता है. जो नेता चुनाव जीत कर सदन में पहुंचने की हालत में नहीं होते हैं, राजनीतिक पार्टियां उनके लिए इस पिछले दरवाजे का प्रयोग करती हैं. भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित दो उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और डाक्टर दिनेश शर्मा और दो मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मोहसिन रजा विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं. ऐसे में शपथ ग्रहण के 6 माह के अंदर इनको विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य होना जरूरी होता है. भाजपा के यह महारथी जनता के वोट से चुन कर विधानसभा सदस्य न बन कर विधायकों के वोट से चुन कर विधानपरिषद के सदस्य बनेंगे.

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