मोहल्ला क्लीनिक को लेकर दिल्ली में महासंग्राम छिड़ गया है. आम आदमी पार्टी सरकार ने बुधवार को इस मामले को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल पर सवाल उठाए, तो वहीं एलजी ने इसके लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दोषी करार दिया है. विधायकों के अड़ने के बाद इस मसले पर एलजी ने गुरुवार को बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कैबिनेट के अन्य सदस्य और विधायक भी इसमें शामिल हो सकते हैं. बैठक में मोहल्ला क्लीनिक के मसले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. एलजी आवास पर यह बैठक पांच बजे होगी.

सम्मेलन कक्ष में बैठकर ट्वीट के जरिए हमले

दोपहर के 2.30 बजे मोहल्ला क्लीनिक की बैठक से शुरू हुआ हंगामा देर रात नौ बजे तक चलता रहा. विधायक राजनिवास के सम्मेलन कक्ष में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए एलजी पर हमले करते रहे. मामले में उपराज्यपाल कार्यालय ने भी विस्तृत सफाई दी और देर रात पर वार पलटवार शुरू हो गया. देर रात उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से राजनिवास द्वारा दी गई सफाई को खारिज कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि इस मामले में उपराज्यपाल कार्यालय की तरफ से सही तर्क नहीं दिए जा रहे हैं. इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.

सतर्कता विभाग ने आपत्तियां जताई थीं

मोहल्ला क्लीनिक को लेकर सतर्कता विभाग ने कई सवाल खड़े किए हैं. ये क्लीनिक सितंबर 2016 से दिसंबर 2016 के बीच खोले गए थे. राजनिवास का तर्क है कि इन मामलों में मिली शिकायतों के आधार पर सरकार से जवाब मांगा गया था, लेकिन सरकार से कोई रिपोर्ट नहीं मिली. यह मामला सतर्कता विभाग की जांच की दायरे में है.

ये सवाल खड़े किए थे

– मोहल्ला क्लिनिक के लिए परिसर का चयन करने के लिए कोई पारदर्शी तरीका नहीं होना

– परिसर का किराया बाजार के किराए से अधिक होना

– पार्टी कार्यकर्ताओं के परिसर किराये पर लिए गए थे

– क्लिनिक का स्थान एवं मौजूदा डिस्पेंसरी का कोई तालमेलनहीं था

– क्लिनिक चलाने के लिए चार घंटे पर्याप्त नहीं होना

– मरीजों का कोई उचित लेखा जोखा नहीं होना जिससे कि चिकित्सकों का भुगतान का निर्णय किया जा सके

कहीं बोर्ड नहीं मिला, तो कहीं बंद हुए क्लीनिक

केजरीवाल सरकार कहती है कि मोहल्ला क्लीनिक बीमारियों के इस मौसम में बहुत मददगार है. इसे राजनीति से दूर रखिए. इसी मोहल्ला क्लीनिक को लेकर सरकार और उपराज्यपाल में टकराव भी दिख रहा है.

ब्लॉक छह त्रिलोकपुरी, एसी का किराया न देने से बंद

सरकार की शीर्ष100 मोहल्ला क्लीनिक लिस्ट में शामिल रहा त्रिलोकपुरी ब्लॉक छह का क्लीनिक बंद हो चुकी है. क्लीनिक का बोर्ड उखाड़ दिया गया है और ताला लटक रहा है. इलाके के लोगों ने मुख्यमंत्री तक शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. बताया जा रहा है कि एसी का किराया समय से नहीं मिलने से यह क्लीनिक बंद हो गया है.

ब्लॉक-25 त्रिलोकपुरी, मोहल्ला क्लीनिक का बोर्ड नदारद

चुनाव के समय यहां मोहल्ला क्लीनिक का बोर्ड हटा दिया गया था, तब से नहीं लगा. जो लोग जानते हैं, वह तो आ जाते हैं लेकिन बाकी लोगों के लिए मुश्किल होती है. इस क्लीनिक पर सुबह आठ बजे से मरीज लाइन में लग जाते हैं. यहां के डॉक्टर बताते हैं कि दिन में 100 से 150 मरीज आते हैं. यह डेंगू और चिकनगुनिया का मौसम है. दूर-दूर से मरीज आ रहे हैं.

प्रताप चौक दल्लूपुरा, क्लीनिक जाने के लिए सड़क नहीं

इस गांव में बनी मोहल्ला क्लीनिक किसी प्राइवेट क्लीनिक की तरह नजर आता है. एयर कंडीशन लगा है, जहां मरीज और तीमारदार बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं. साफ-सफाई का भी खास ख्याल रखा गया है. क्लीनिक का स्टाफ मरीज की पूरी जानकारी लेकर डॉक्टर के पास भेजता है. डॉक्टर तसल्ली से मरीज की जांच करते हैं.

अजय माकन बोले घोटाला हो रहा है

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए मोहल्ला क्लीनिक को एक बड़ा घोटाला बताया है. अपने ट्विटर संदेश में उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को फायदा पहुंचाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है.माकन ने अपने ट्वीट संदेश में कहा कि बड़े पैमाने पर किए गए सर्वेक्षण में मोहल्ला क्लीनिक के जरिए किए जा रहे घोटाले का खुलासा हुआ है.

राष्ट्रपति से करेंगे शिकायत : भाजपा

आप विधायक मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर नौटंकी कर रही है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी जल्द ही राष्ट्रपति से शिकायत दर्ज कराएगी. मामले में भाजपा ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि उपराज्यपाल भारतीय राष्ट्रपति के प्रतिनिधि हैं और आज की आराजकता सीधा सीधा संविधान पर प्रहार है . गुरुवार को हम राष्ट्रपति से मिलेंगे.

इनका कहना है

एक संवैधानिक पदाधिकारी के कार्यालय में दबाव बनाकर मामले को निपटाना कानून के मुताबिक उचित तरीका नहीं है. मोहल्ला क्लीनिक को लेकर मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल ने भी कोई ध्यान नहीं दिया. मुख्यमंत्री अपनी साप्ताहिक बैठक जोकि बुधवार सायं 5.00 बजे होती है, उसमें भी शामिल नहीं हुए.

– अनिल बैजल, उपराज्यपाल, दिल्ली

मोहल्ला क्लीनिक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. यह दिल्ली के दो करोड़ लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मसला है. उपराज्यपाल सभी अफसरों की बैठक बुलाकर इस मामले को निपटाएं. वे चाहें तो मैं अपने मंत्रियों के साथ राजनिवास आने के लिए तैयार हूं. एक बार में ही सभी आपत्तियां दूर कर ली जाएं.

– अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली

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