साल 2014 में जो गरीबी और बदहाली भ्रष्टाचार खत्म कर और विदेशों में जमा काला धन वापस लाकर हरेक के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने का सपना दिखाकर खत्म करने की बात की जा रही थी उसका तरीका अब बदल दिया गया है.

पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर गरीबी दूर करने की वकालत करते केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अलफ़ान्स ने बड़ी मासूमियत से कहा कि जो लोग कार और बाइक चलाते हैं वे भूखे नहीं मर रहे हैं और पेट्रोल डीजल खरीदने की हैसियत रखते हैं, वे बढ़े दामों का भुगतान कर सकते है और उन्हें यह करना ही पड़ेगा.

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