अव्वल तो खुद सुषमा स्वराज का नैसर्गिक सौन्दर्य कभी किसी सबूत का मोहताज नहीं रहा. जिसमें सादगी का तड़का उन्हें एक अलग लुक देता था जो हर भारतीय के दिलो दिमाग में शिद्दत से बसा हुआ है. लेकिन आमतौर वे सौंदर्य प्रतियोगिताओं में जाने से परहेज ही करती  थीं. बात साल 2008 की सर्दियों की है तब सुषमा विदिशा से राज्यसभा सदस्य थीं और 2009  के लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी इसी सीट से कर रहीं थीं जो भाजपा का मजबूत गढ़ आज भी है. अघोषित ऐलान हो चुका था कि वे इसी सुरक्षित सीट से लड़ेंगी.

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