ये फैसला मेहनतकश लोगों और उन गरीबों के पेट पर लात मारने जैसी बात है जो जाति से ब्राह्मण नहीं है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के ठीक 2 दिन पहले राज्य के पंडे पुजारियों को उनके पूजा पाठ का फल दे दिया है. फल भी ऐसा कि हर किसी को अपने पुजारी न होने पर पछतावा हो और अगले जनम में ब्राह्मण कुल में पैदा होकर पुजारी बनने के लिए ज्यादा से ज्यादा दान दक्षिणा मंदिरों में चढ़ाएं. अब राज्य के पुजारियों को पेट भरने की नहीं बल्कि भाजपा को वोट दिलवाकर फिर से सत्ता में लाने की चिंता है, जिससे आगे भी उन्हें मुफ्त की मलाई मिलती रहे और वे बेफिक्र होकर काम धंधा और मेहनत किए बगैर मुफ्त के माल पुए उड़ाते रहें.

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