सोशल मीडिया की दहशत का शिकार राजनेता !

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मी टू कैम्पेन ने बढ़ाया डर

सोशल मीडिया पर टिप्पणियों को लेकर नेताओं और साफ कौलर आदमी में डर का माहौल ‘मी टू कैम्पेन’ के बाद से दिखना शुरू हुआ है. इस कैम्पेन के तहत एक के बाद एक कई फिल्मी हस्तियों, राजनेताओं, मीडियाकर्मियों पर महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया, जिसका परिणाम यह निकला कि आरोपितों की इज्जत तो सरे-बाजार उछली ही, उनके पद और सम्मान भी छिन गये, साथ ही उनका सामाजिक बहिष्कार हुआ. इस क्रम में कई फिल्मी हस्तियों के हाथ से उनके करोड़ों के प्रोजेक्ट निकल गये और कई राजनेताओं की कुर्सियां छिन गयीं. उन्हें घृणा और मजाक का पात्र बनना पड़ा. यौन-उत्पीड़न का दंश झेलने वाली महिलाओं के लिए जहां सोशल मीडिया अपना दर्द सुनाने का बढ़िया प्लेटफौर्म बना तो वहीं मर्दों में यह डर पैदा हो गया कि पता नहीं अगला नाम किसका सामने आ जाए. हालांकि सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती कहने वाली सभी महिलाएं सच्ची हैं, यह कहना भी ठीक नहीं होगा. कइयों ने अपनी खुंदस या भड़ास निकालने के लिए पुरुष को बदनाम करने की नीयत से भी सोशल मीडिया का मिसयूज किया.

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