लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिड़ला को चुने जाने से यह साफ हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने भले ही चुनावी मैदान पर बाहरी लोगों को महत्व दें पर सरकार चलाने के लिये बने संवैधानिक पदों पर संगठन के लोगों को ही तवज्जों देती है.

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के बाद लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिड़ला ऐसा नाम है जिसके बारे में किसी को कोई अंदाजा नहीं  था. इसी तरह जब भाजपा ने जब रामनाथ कोविंद का नाम सामने लाया था तब हर किसी को आश्चर्य हुआ था. ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है यह किसी को उम्मीद भी नहीं थी.

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