भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति के खिलाफ राजनीतिक दल भले ही सामाजिक मुददों पर चर्चा नहीं कर रहे पर अभी भी कुछ सामाजिक दल कमजोर ही सही पर अपनी आवाज को बुलंद कर रहे हैं. इनको मीडिया का बडा हिस्सा भी हाशिये पर डाल चुका है. इसके बाद भी यह अपनी बात कहने में पीछे नहीं हैं. ऐसे सामाजिक लोगों ने केन्द्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है.

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