2019 के आम बजट में नई बात यह थी कि देश की पहली पूर्णकालिक पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब बजट पेश किया तो उनके हाथ में लाल रंग के ब्रीफकेस की जगह लाल रंग का मखमली पैकेट था. निर्मला ने कहा कि अभी तक चली आ रही प्रथा को पूरी तरह बदल दिया. अब बजट को बजट नहीं बल्कि बहीखाता कहा जायेगा. देश की पहली महिला पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब देश का आम बजट पेश किया तो देश की जनता खासकर महिलाओं को उम्मीद थी कि उनके लिये कुछ खास होगा. महिलाओं के लिये बजट में कुछ नया नहीं है जिसको केवल महिलाओं के लिये फोकस करके किया गया हो.

बजट में ‘नारी तू नारायणी’ नाम से महिलाओं को एक अलग नारा दिया गया है. यह ठीक उसी तरह से है जिस तरह से देश भर में महिलाओं को लक्ष्मी माना जाता है इसके बाद भी महिलाओं के प्रति समाज में अपराधों में कमी नहीं आ रही है. बजट में महिलाओं को ‘नारी तू नारायणी’ कह कर झांसा देने की कोशिश की गई है. इस नारे के बाद भी वित्त मंत्री ने राहत की जो बातें कहीं हैं वह उन महिलाओं के लिये हैं, जो स्वयं सहायता समूह से जुड़ी और सरकार ने उन समूह को प्रमाणित कर रखा है.

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ऐसे में साफ है कि सामान्य महिलाओं के लिये इस बजट में कोई नया प्रावधान नहीं है. सरकार ने सोना मंहगा कर दिया है जिससे महिलाओं को अब गहने पहनने के लिये ज्यादा कीमत देनी होगी. आज के समय में बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाएं हैं जो वाहन चालक है और अपने काम के लिये टू व्हीलर या कार चलाती हैं. डीजल और पेट्रोल मंहगा होने से महिलाओं पर प्रभाव पड़ेगा.

बजट में महिलाओं की उम्मीदों को देखते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण को लिखे एक पत्र में कहा था,  ‘महिलाओं की स्थिति में सुधार के बिना दुनिया के कल्याण की कोई गुंजाइश नहीं है.’ देश की महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है. चुनावों में महिलाओं का पहले से ज्यादा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद लोकसभा में सबसे ज्यादा 78 रिकार्ड महिलाएं चुनकर आई हैं. इस सरकार ने मुद्रा, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) जैसी तमाम योजनाओं से विमन आंट्रप्रन्योरशिप को बढ़ावा दिया है. आगे भी महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए विमन एसएचजी इंट्रेस्ट सबवेंशन प्रोग्राम को हर जिले में लागू करने का प्रस्ताव करती है. साथ ही, हर महिला वेरिफाइड एसएचजी (सेल्फ हेल्प ग्रुप) मेंबर जिसके पास जनधन अकाउंट है, उन्हें 5 हजार रुपये की ओवरड्राफ्ट फसिलिटी दी जाएगी. साथ ही, मुद्रा योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की हर वेरीफाइड महिला सदस्य को 1 लाख रुपये तक लोन लेने की अनुमति दी जाएगी.

सरकार ने किफायती घरों के लिए लोन पर टैक्स छूट बढ़ाने की बात कही है. ब्याज भुगतान पर टैक्स में 2 लाख रुपये तक की छूट दी जाती थी. लेकिन अब अतिरिक्त 31 मार्च 2020 तक लिए गए लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर टैक्स में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट मिलेगी यानी, 45 लाख रुपये तक की कीमत वाले अफोर्डेबल हाउस खरीदने के लिए लोन लेने वालों को 3.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट दी जाएगी. वित्त मंत्री के मुताबिक, 15 साल के लोन पीरियड में घर खरीदार को अब 7 लाख रुपये का लाभ होगा.

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