देश के सबसे बडे राजनीतिक परिवार के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अपनी छोटी बहू अपर्णा यादव को लखनऊ की कैंट विधनसभा सीट से 2017 के विधनसभा चुनाव लड़ने का टिकट दिया है. इस सीट को सपा ने कभी नहीं जीता है. यहां से कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं. यहां से 7 बार कांग्रेस और 5 बार भाजपा ने चुनाव जीता है. कैंट विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड के रहने वाले पहाडी वोट सबसे अधिक हैं. अपर्णा उत्तराखंड की रहने वाली हैं. उत्तराखंड फैक्टर हमेशा काम नहीं करता. रीता बहुगुणा जोशी ने विधायक रहते लोकसभा का चुनाव भी लडा था, जिसमें वह केवल हारी ही नहीं, कैंट विधानसभा से भी वह जीतने लायक वोट हासिल नहीं कर सकी थी. ऐसे में अपर्णा की जीत कांटो भरा ताज ही है. अगर सपा अपर्णा यादव को पार्टी जनाधर वाले क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतारती तो उनके लिये विधानसभा पहुंचना सरल होता. अपने परिवार के लोगों के लिये पहले मुलायम सिंह यादव इस तरह की सुरक्षित सीटों का चुनाव करते रहे हैं.

अपर्णा यादव मुलायम की दूसरी पत्नी साधना के बेटे प्रतीक की पत्नी हैं. मुलायम देश के पहले ऐसे नेता हैं जिनके बेटे अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री हैं. 3 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव केन्द्र सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके हैं. उत्तर प्रदेश की विधानसभा और विधान परिषद में वो नेता रहे चुके हैं. 6 बार वह लोकसभा सदस्य रह चुके हैं. इस समय वह आजमगढ से सांसद हैं. मुलायम के साथ उनके परिवार के 6 सदस्य संसद सदस्य हैं. मुलायम सिंह के साथ उनकी बहू डिंपल यादव, भतीजा धर्मेंद्र यादव, पौत्र तेजप्रताप यादव, भतीजा अक्षय यादव लोकसभा में सदस्य है. भाई राम गोपाल यादव राज्यसभा में सदस्य है.

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