स्वास्थवर्धक पद

विश्व स्वास्थ संगठन ( डब्लूएचओ ) में पसरी राजनीति का एक बेहतरीन उदाहरण है भारत के स्वास्थ मंत्री डाक्टर हर्षवर्धन का उसके एग्जीक्यूटिव बोर्ड का अध्यक्ष बन जाना   . जैसे मोहल्ले की क्रिकेट टीम का केप्टन वही होता है जो टीम को लेदर बाल चंदे में दे सकता है वैसे ही यह पद हर्षवर्धन को हायड्रॉक्सीनक्लोरोक्वीन नाम की दवाई अमेरिका को देने के एवज में मिला है जिसे एक भरोसेमंद पिट्ठू की तलाश थी  . पेशे से एलोपेथी डाक्टर होते होते हुए भी हर्षवर्धन के दिमाग में गुड गोबर बाला एजेंडा किस तरह चाँदनी चौक से शुरू हुए उनके राजनैतिक संघर्ष के दिनों से ही भरा पड़ा है इसे समझने उनके कई ( अ ) भूतपूर्व वक्तव्य मौजूद हैं  .

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