हमारा देश ‘प्राण जाये पर वचन न जाये’, की परिपाटी वाला देश है. यह वीरों की भूमि है, उन वीरों की जिनकी कमान और जबान दोनों मायने रखती थी. जो कहा वो कर दिखाया वाला तेवर कहीं दिखता है तो बस भारत में दिखता है. यहां जनता अपने लीडर पर भरोसा करती है, उसकी बातों पर भरोसा करती है. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने कहा - तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, उनके एक नारे पर हजारों खड़े हो गये देश के लिए अपना खून बहाने को. हम भरोसा करते हैं कि हमारे नेता, हमारे लीडर जो कह रहे हैं, वह हमारे लिए करेंगे. हम उनके नारों पर भरोसा करके उन्हें देश की सत्ता सौंपते हैं. हमारे इसी भरोसे का नतीजा थी केन्द्र की मोदी-सरकार.

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