सूर्य प्रताप सिह कोई राजनीतिक शख्सियत नहीं है. वह जनता की परेशनियों को लेकर जब सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखते है तो सरकार घबडा जाती है. सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ पुलिस थाने में मुकदमा हो जाता है. बात केवल योगी सरकार तक सीमित नहीं है. अखिलेंश सरकार में भी सरकारी नौकरी करते हुये सूर्य प्रताप सिंह ने जब सरकार की आलोचना शुरू की तो 2 बार मुकदमें हुये. उनके घर पर हमला भी हुआ. चैकाने वाली बात यह है कि उस समय भारतीय जनता पार्टी के बडे नेता सूर्य प्रताप सिंह की मुखर आवाज का समथर्न करते थे. सत्ता बदली प्रदेष में भाजपा की योगी सरकार बनी. सूर्य प्रताप सिंह का व्यवस्था पर चोट करना बंद नहीं हुआ. अब योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली के चीनी और कोरोना टेस्ट के मुददे को उठाने के लिये सूर्य प्रताप सिंह पर 2 मुकदमें हो गये.

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