आमतौर पर चुनावों के दौरान या फिर सियासी जलसों के वक्त ही मध्य प्रदेश में नजर आने वाले 2 बड़े कांग्रेसी नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की कोशिश यह रहने लगी है कि वे ज्यादा से ज्यादा प्रदेश ही में दिखें.

तकरीबन 2 साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सियासी बिगुल बज उठा है. कांग्रेसी जगहजगह सियासी जलसे कर शिवराज सिंह चौहान की अगुआई वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार को उखाड़ फेंकने का दम भरने लगे हैं. इस की असल वजह यह नहीं है कि कांग्रेस यहां बहुत मजबूत हो गई है, बल्कि यह है कि भाजपा अब पहले के मुकाबले कमजोर पड़ने लगी है.

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