विश्व के सब से लोकप्रिय खेल फुटबाल की खुमारी लोगों के सिर चढ़ कर बोल रही है. 12 जून से 13 जुलाई तक चलने वाला फीफा वर्ल्ड कप इस बार ब्राजील के 12 शहरों में हो रहा है. दुनिया की सर्वश्रेष्ठ 32 टीमें इस विश्वकप की गवाह बनने जा रही हैं.

ब्राजील को इस बार विश्वकप के खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है क्योंकि इतिहास भी कुछ ऐसा रहा है कि मेजबान टीम अधिकतर इस खिताब पर कब्जा जमा लेती है. वर्ष 1930 में उरुग्वे, 1934 में इटली, 1966 में इंगलैंड, 1974 में वैस्ट जरमनी, 1978 में अर्जेंटीना और 1998 में फ्रांस की टीमें जीत हासिल कर चुकी हैं. इस के अलावा ब्राजील के पास नेमियार जैसा मशहूर स्ट्राइकर जब टीम में हो तो उम्मीदें और बढ़ जाती हैं. हालांकि स्पेन को कमतर नहीं आंका जा सकता. स्पेन फीफा की रैंकिंग में नंबर 1 पर में लंबे समय से बना हुआ है. वर्ष 2010 में विश्व विजेता बनने के बाद स्पेनिश टीम लगातार बढि़या प्रदर्शन कर रही है.

इस पूरे टूर्नामैंट में दुनिया की नजर मशहूर खिलाडि़यों लायोनेल मैसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की अर्जेंटीना और पुर्तगाल की टीमों पर रहेगी क्योंकि ये दोनों खिलाड़ी ऐसे हैं जो मिनटों में खेल की बाजी पलट सकते हैं.

जरमनी भी प्रबल दावेदार है. डिफैंस के लिए जरमनी के पास अनुभवी और एक से बढ़ कर एक बेहतरीन खिलाडि़यों की लंबी लिस्ट है. कई और देशों की टीमें भी मजबूत हैं. पर मेजबान ब्राजील की टीम फिलहाल सब से मजबूत दिखाई दे रही है क्योंकि ब्राजील की टीम इस से पहले 5 बार विश्व विजेता रह चुकी है.

फुटबाल के लिए यह सब से बड़ा आयोजन माना जाता है और इस खेल में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है. इस बार भी अनुमान है कि तकरीबन 8.4 अरब पाउंड इस भव्य आयोजन में खर्च किए जाएंगे. इस बाबत प्रदर्शनकारी ब्राजील में कई बार अपना विरोध जता चुके हैं. उन का मानना है कि इतना पैसा खर्च करना फुजूलखर्ची है.

बहरहाल, लोकप्रियता के लिहाज से देखा जाए तो ‘फीफा वर्ल्ड कप’ सब से बड़ा खेल आयोजन है और खेल शुरू होने से पहले ही दुनियाभर में खिलाडि़यों सहित प्रशंसकों के मन में फुटबाल की खुमारी सिर चढ़ कर बोलने लगती है.

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