Congress Internal Conflict : दिग्विजय सिंह और शशि थरूर कांग्रेस में रहते हुए जिस तरह से पार्टी की आलोचना कर रहे हैं उस से कांग्रेस कमजोर होगी या मजबूत पढ़िए इस लेख में?

28 दिसम्बर, 2025 को कांग्रेस अपनी स्थापना के 140 साल पूरा करने का जश्न पूरे देश में मनाने की तैयार कर रही थी. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक भी थी. इस की पूर्व संध्या पर कांग्रेस के सीनियर नेता मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर 1990 की एक फोटो पोस्ट की. इस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए थे तथा उन के पीछे बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे थे.

दिग्विजय सिंह ने इस फोटो के साथ लिखा ‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला. बहुत ही प्रभावशाली है. किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठ कर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना. यह संगठन की शक्ति है. जय सियाराम.’ दिग्विजय सिंह ने अपनी इस पोस्ट को बीजेपी, कांग्रेस, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और नरेन्द्र मोदी को टैग भी की थी.
दिग्विजय सिंह पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं. वह 1971 में कांग्रेस में आए थे. पहली बार वह राघोगढ़ नगरपालिका के अध्यक्ष बने थे. 1977 में कांग्रेस के टिकट पर राघोगढ़ विधानसभा से चुनाव जीत कर विधायक बने थे. उन की प्रतिभा को देखते हुए 1978 में दिग्विजय को प्रदेश युवा कांग्रेस का महासचिव बनाया गया. 1980 में भी वह राघोगढ़ से विधानसभा का चुनाव जीता. इस के बाद उन को अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री का पद दिया गया.
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